हरमाड़ा के सामूहिक विवाह समारोह में विधवा पुन विवाह योजना की नई पहल की शुरुआत

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । जयपुर, रैगर दर्पण समाचार पत्र समूह व राजस्थान रैगर महासभा (भीम) के तत्वावधान में रविवार 22 अक्टूबर 2017 को बद्रीधाम हरमाड़ा जयपुर में सुमन मौर्या सुपुत्री स्व० तीर्थ राम मौर्या संग रेनवाल के धर्मेन्द्र मुण्डोतिया का रैगर समाज द्वितीय सामूहिक विवाह समारोह में एक बार फिर विधिवत विवाह कराया गया । इस मौके पर विवाह की हर रस्म पूरी होने के बाद नवविवाहित जोड़े को बधाई देने के लिए दूल्हा-दुल्हन के परिजन और समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे l

राजस्थान में विधवा पुन विवाह योजना 2007 से लागु है जिसमे ऐसी विधवाएं जिनकी उम्र 18 से 50 वर्ष है और पुन विवाह कर घर बसा सकती है l लेकिन प्रदेश में नाताप्रथा हावी होने के कारण समाजों में यह विधवा विवाह का प्रचलन नहीं हो पाया l

सुमन मौर्या के माता-पिता का दिल्ली में देहांत हो गया था जब ये 12 वर्ष की थी उस समय ये अनाथ हो गई थी l  तब इसे बुआ फूफा जी (हीरा देवी-तेजमल अटल) ने ही पाला और इसकी पहली शादी बाड़ी जोड़ी शाहपुरा जयपुर के रमेश कुमार चांदोलिया के साथ बुआ फूफा जी ने ही कन्यादान कर की थी l मगर लगभग एक वर्ष पूर्व शादी के सात साल बाद सुमन के पति रमेश कुमार चांदोलिया ने भी अचानक साथ छोड़कर संसार से विदा हो गए । तब सुमन के 6 माह का गर्भ था और तीन बेटियां थी । तब धर्म संकट आ पड़ा कि क्या किया जाए तब इस लड़की की बुआ ने इसको अपने घर पर ले आई और इसका पालन करने लगी जापा करवाया तो एक और लड़की ने ही जन्म लिया और ये चार लड़कियों हो गई l चिंता की बात ये थी की ये चार लड़कियों की परवरिश की जिम्मेदारी अकेली कैसे संभालेगी l बुआजी की छोटी बेटी अन्नू ने आगे आकर उस नवजात बच्ची को लालन पालन के लिए अपना लिया और अपने साथ दिल्ली ले गई ।

तब सुमन के लिए जीवनसाथी खोजने का कार्य चला मगर कोई भी तीन लड़कियों के साथ नही अपनाना चाहता था तब रेनवाल के धर्मेंद्र मुंडोतिया ने इसे तीनो बच्चों सहित अपनाना चाहा ओर शादी की इच्छा जताई और कहा कि मैं इन्हे अपनी बच्ची ही समझूँगा ओर उसी प्रकार से लालन पालन करूँगा जैसे एक पिता करते है । ये धर्मेन्द्र भी पहले से शादीशुदा था मगर किन्ही कारण इसका तलाक हो गया था ।

युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज अटल, संगठन सचिव, रैगर महासभा युवा प्रकोष्ठ जयपुर ने पुरानी नाताप्रथा को त्यागने के लिए अपने घर वालो से बात की ओर धर्मेन्द्र के माता पिता से विचार विमर्श करके सुमन और धर्मेन्द्र का विवाह पूरे धार्मिक अनुष्ठान से पुनर्विवाह करने की योजना के लिए मंजूरी प्राप्त की । युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज अटल के अथक प्रयास से सुमन मौर्या सुपुत्री स्व० तीर्थ राम मौर्या ने रेनवाल के धर्मेन्द्र मुण्डोतिया से रैगर समाज द्वितीय सामूहिक विवाह समारोह में एक बार फिर पूरे धार्मिक अनुष्ठान से विधिवत विवाह कराया गया । धर्मेन्द्र और सुमन दोनों अपनी इस शादी से बहुत खुश है ।

युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमराज अटल ने समाजहित संवाददाता को बताया कि मेरा समाजहित में छोटा सा प्रयास शायद समाज में व्याप्त नाताप्रथा की परम्परा को त्यागने में सहायक हो और जो लोग समाज पुरानी मान्यताओं के आधार पर विधवा पुन विवाह योजना को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे । अब सुमन और धर्मेन्द्र के पुनर्विवाह से प्ररेणा पाकर नाताप्रथा जैसी सामाजिक कलंक माने जाने वाली प्रथाओं को पीछे छोड़कर छिन्न-भिन्न हो चुके परिवारों को पुन: जोड़ने में समाज भी अपनी सार्थक भूमिका निभाने के लिए आगे अवश्य आएगा ।

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