महाराष्ट्र में दलितो के साथ हुई हिंसा के विरोध में राजस्थान में जोधपुर बंद सफल रहा

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में दलितो के साथ हुए जातीय हिंसा के विरोध की आग अब राजस्‍थान में भी पहुंच चुकी है। राष्ट्रीय दलित महासंघ व भीमा कोरेगांव अत्याचार संघर्ष समिति जोधपुर सहित विभिन्न सामाजिक एव दलित संघठनो के तत्वावधान में सोमवार 8 जनवरी को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक शांतिपूर्वक जोधपुर बन्द रखा गया l सोमवार सुबह से शहर का कोई भी क्षेत्र नहीं खुला। बाजार पूरी तरह बंद रहे। बंद पूरी तरह सफल रहा। क्षेत्र में किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क दिखाई दिया l

प्राप्त जानकारी के अनुसार विभिन्न सामाजिक एव दलित संघठनो के नेतृत्व में दलित समुदाय के हजारो बाबा साहेब के अनुयायियों की भीड़ में लोग हाथो में नीला झंडा लेकर जय भीम के नारे लगाते हुए जोधपुर के चौराहों पर एकत्रित हो रहे थे l इस तरह दलित समुदाय के हजारो लोगो ने आज सडको पर निकलकर विरोध जताया l

जोधपुर में सोमवार को चारो ओर नील झंडो के अलावा कुछ नहीं दिखाई दे रहा था l वही किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात था l दलित प्रबुद्ध वर्ग द्वारा महाराष्ट्र के भीमा-कोरेगांव में दलितो के साथ हुए जातीय हिंसा की घटना की निंदा की गई। विरोध प्रदर्शन के दौरान सभी संगठनों के नेता प्रदर्शनकारियों से अपील भी कर रहे थे कि शांति बनाए रखें।

युवा दलित चिंतक विक्रम जटिया ने बताया कि 1 जनवरी को महाराष्ट्र के भीमा कोरेगाव मे आरएसएस के भगवा आंतक ने षड्यंत्र पूर्वक दलितों के 200 वे विजय महोत्सव में दलितों पर कायरता पूर्वक हमला किया । जिसको लेकर देश व प्रदेश के दलितों में भारी आक्रोश है और हम इस घटना की निंदा करते है । हम केंद्र व राज्य सरकारों से मांग करते है कि घटना की निष्पक्ष जाँच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त क़ानूनी कार्यवाही की जाय ।

विक्रम जटिया ने आगे कहा कि इसके अलावा राष्ट्रीय दलित महासंघ प्रदेश के डांगावास हत्याकांड,गुजरात के ऊना कांड,यूपी के सहारनपुर में दलितों पर अत्याचार एव जगह जगह सविधान निर्माता बाबासाहब अम्बेडकर की प्रतिमा को खंडित करने की घटनाओं के प्रति समस्त दलित समाज भारी रोष प्रकट करते हुए मांग करते है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त क़ानूनी कार्यवाही की जाय । हम केंद्र व राज्य सरकारों से मांग करते है कि भविष्य में दलितों के साथ ऐसी घटनाओ की पुनरावृति न हो और दलितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाय l

भीमा कोरेगांव अत्याचार संघर्ष समिति जोधपुर के अध्यक्ष किशन खुडिवाल ने कहा कि अब दलित समाज जाग चूका है अब दलितों पर अत्याचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है और बाबा साहब के संविधान में सबको बराबरी का अधिकार है । महाराष्ट्र के भीमा कोरेगाव मे आरएसएस के भगवा आंतक ने षड्यंत्र पूर्वक दलितों के 200वे विजय महोत्सव में दलितों पर कायरता पूर्वक हमला किया वह बहुत ही निंदनीय है। आज जोधपुर की जनता और दुकानदारो ने दलितों के समर्थन में शांतिपूर्ण बन्द रखा हम उनका धन्यवाद करते है l

जालोरी गेट ,सोजती गेट ,पूरी तिराया ,पर सुबह से ही सनाटा पसरा रहा ।जालोरी गेट से जिला मुख्यालय पर विशाल सभा मे दलित संघटन के पदाधिकारियों ने  मौजूदा बीजेपी सरकार व आरएसएस को दलित विरोधी बताया ।
इन वक्ताओ ने विरोध प्रदर्शन के दौरान किया सम्बोधित , लक्ष्मण दास बगराना,तुलसीदास राज,यू आर बेनीवाल, दलित नेता विक्रम जटिया,किशन मेघवाल, किशन खुड़ीवाल,शैलेश मोसलपुरिया,हुकमाराम मेघवाल, नरपतराज जोरम,सन्तोष भील ,कीर्ति सिंह,कमला बुगालिया, प्रदीप मेगवाल ,धनपत गुजर,गिरदारी परिहार, करनाराम मेहरड़ा,दसरथ हिन्डोनिया,सहित दलित समाज के सभी वक्ताओं ने बीजेपी व आरएसएस को अपने उध्बोधन में आड़े हाथों लेते हुए,सविधान विरोधी,दलित विरोधी बताया ।

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