दलित की बेटी प्रगति जाटव की दुखभरी दास्तान

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दलित की बेटी का प्रतिभावान होना दबंग जाति की लड़कियों को नहीं भाया तो की मारपीट

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । पचेनड्डा गांव दिल्ली से देहरादून मार्ग पर मुज़फ्फ़रनगर बाईपास पर स्थित है l ये एक जाट बहुल गांव है l 5600 की आबादी वाले इस गांव में 1800 जाट और 1200 दलित हैं l इसी गाँव की दलित परिवार की बेटी प्रगति जाटव जनता इंटर कॉलेज’ की बारहवीं कक्षा की छात्रा है l

अक्सर दावा किया जाता रहा है कि दलितो के साथ भेदभाव नहीं किया जाता और न ही उन्हें अछूत समझा जाता लेकिन समय समय पर इन सारे दावों की पौल खुलती रही है, खुलती रहती है। घटना बीते शनिवार की है जब एक दलित लड़की को दबंग जाति की लड़कियों ने स्कूल के सैकड़ों बच्चों के सामने डंडो से ज़बरदस्त मारपीट की l दबंग जाति की ये छात्राएं दलित छात्रा को तब तक पीटती रहीं जब तक वह बेहोश न हो गई। इस मारपीट के बाद प्रगति के माता-पिता की शिकायत पर स्कूल प्रसाशन ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई l प्रिंसिपल को घटना की जानकारी मिलने पर भी हमलावर दबंग जाति की लड़कियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की l

इससे गांव के दलितों में असंतोष फैल गया और वो एकजुट होकर पुलिस में शिकायत करने पहुंच गए l नई मंडी थाने पर इन लड़कियों के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत मुक़दमा दर्ज किया गया है l

प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित प्रगति ने घटना के बारे में बताया कि “वो चार लड़कियां लगातार मुझ पर कमेंट करती थीं l उनकी बिरादरी की दूसरी लड़कियां भी इस पर मज़ाक बनाती थी l मुझे चमेठी (जाति सूचक शब्द) और अछूत कहकर मेरा उत्पीड़न किया जाता था l यह दसवीं से हुआ, जब मेरे 75% मार्क्स आए l ग्याहरवीं में भी मेरे नम्बर उनसे ज्यादा थे l अब त्रैमासिक टेस्ट में भी मेरे नम्बर उनसे ज्यादा आ गए l इसे लेकर वो मुझ पर आग बबूला थीं l मुझे तीन दिन लगातार ‘चमारिन गिठल’ कहती रही l मेरी सीट पर क्लास में लगातार छेड़छाड़ करती रहीं l मैंने अपनी टीचर से शिकायत की l मगर इससे वो और ज्यादा परेशान करने लगीं l मुझे शनिवार को पानी पीने से रोक दिया गया l दोपहर बाद छुट्टी होने पर इन लड़कियों ने अपने बैग से डंडे निकाले और मुझे पीटने लगीं l मेरा सर फोड़ दिया, मुझे पीटते हुए घसीटा गया l यही नहीं, प्रिंसिपल ने मेरा दर्द नज़रअंदाज किया और हमलावर दबंग जाति की लड़कियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की l

प्रगति की बड़ी बहन निशा मेरठ से बीसीए कर रही है l वो बताती है कि, कल जब हम लोग पुलिस के पास गए तो सीओ मंडी ने कहा, क्या हुआ आपकी लड़की मरी तो नहीं है ना! निशा का कहना है कि, उन्हें लग रहा था कि पुलिस की कार्रवाई के लिए किसी का मरना ज़रूरी है l लेकिन हमारी बहन तो ज़िन्दा है और न्याय की लड़ाई लड़ रही है l मगर इन ऊंची जात वालों का ज़मीर ज़रूर मर गया है l

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