रैगर समाज की एक नाबालिग लड़की से घर में घुसकर रेप की कोशिश, विरोध करने पर छात्रा को चाकू से ताबडतोड़ कई वार कर घायल किया

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, रैगर समाज की एक नाबालिग 15 वर्षीय दसवी कक्षा की छात्रा को घर में अकेला पाकर बदनीयती की भावना से छेड़छाड़ व रेप करने की कोशिश की, लड़की द्वारा विरोध करने पर यूनुस नामक दरिंदे ने चाकू से सिर, सीने, पेट और पैर पर ताबडतोड़ कई वार कर घायल अवस्था में छोड़ कर भाग गया l बाद में पुलिस थाना चौथ का बरवाड़ा जिला सवाई माधोपुर ने मुक़दमा दर्ज कर अपराधी यूनुस को गिरफ्तार कर लिया है l

प्राप्त जानकारी के मुताबिक समाजसेवी नवरतन गुसाईवाल ने बताया कि अनुसूचित जाति की पीडिता 15 वर्षीय दसवी कक्षा की छात्रा है और दसवी कक्षा के बोर्ड की परीक्षा की पढ़ाई में अपने घर पर व्यस्त थी कि अचानक युसूफ नाम का युवक उसके घर पर आया और उसने लड़की को अकेली पाकर उसके साथ बदनीयती की भावना छेड़छाड़ करने की कोशिश की l लड़की द्वारा विरोध करने पर यूनुस नामक व्यक्ति ने चाकू से सिर, सीने, पेट और पैर पर ताबडतोड़ वार कर घायल अवस्था में छोड़ कर भाग गया l

लोगो ने पुलिस को सूचना दी, पुलिस को सूचना मिलने पर पुलिस ने पीड़ित छात्रा को बुरी तरह घायल अवस्था में चौथ का बरवाड़ा अस्पताल में पहुंचाया, जहा चिकित्सको ने सवाई माधोपुर रेफेर किया और सवाई माधोपुर ने सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर रेफेर किया l घायल अधमरी अवस्था में पीड़ित छात्रा को सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर के ट्रॉमा सेण्टर के गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया l पीड़ित छात्रा के परिवारजन गहन सदमे और दहशत में है l

सवाई मान सिंह अस्पताल जयपुर के डॉक्टरो के अनुसार घायल छात्रा अब खतरे से बाहर है l पुलिस ने आरोपी के खिलाफ Case no 34/18 u/s 354d, 307, 452 IPC act, 11/12 पॉस्को एक्ट, 4/25 आर्म्स एक्ट, 3 अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत मुक़दमा दर्ज कर आरोपी यूनुस को गिरफ्दार कर लिया है l

समाजसेवी नवरतन गुसाईवाल ने कहा कि अब सवाल ये उठता है कि जहां देश प्रगति की राह पर चल रहा है वहां अनुसूचित जाति की छात्राओ और महिलाओं की सुरक्षा की हालत बद से बदतर हो रही है। राजस्थान में अनुसूचित जाति की छात्राओ और महिलाओं के साथ दिनोदिन बलात्कार, छेड़छाड़ और शोषण जैसे दुष्‍कर्म की बढती घटनाएँ अब एक समस्या है l यौन अपराधों पर सख्त कानूनों के बावजूद अनुसूचित जाति की छात्राओ और महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़छाड़ और शोषण जैसे दुष्‍कर्म की बढ़ती घटनाओं में जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ है l ये समाज के लिए चिंता का विषय है l

उन्होंने आगे कहा कि आज अनुसूचित जाति की छात्राओ और महिलाओं के बहुत सारे रेप के मामले सामाजिक व पारिवारिक दबाव, भेदभाव, बदनामी का डर इत्यादि के कारण दर्ज ही नहीं हो पाते हैं। कितने ऐसे अपराध हैं जिनके लिए कानून में सजा का कोई प्रावधान तक नहीं है। कभी उन्हें मानसिक रुप से तनाव मिलता है तो कभी उन्हें सबके सामने अपमानित होना पड़ता है जो इनको इस तरह की बेवजह सजा मिलती है। प्रशासन,समाज सभी इन पर हो रहे अपराधों को अनदेखी करती है। जब कोई गुनाह होता है सियासी खेल शुरू हो जाता है। पल भर के लिए राजनीति गरम होती है बयानबाजी होती है और फिर सब ज्यों का त्यों हो जाता है। अनुसूचित जाति की छात्रायें और महिलायें घर हो या बाहर कहीं भी वह सुरक्षित नहीं है। आखिर अनुसूचित जाति की छात्राओ और महिलाओं के खिलाफ कब ये अत्याचार रुकेंगे? कब देश की सरकार और समाज के लोग जागेंगे?

मैं समाज की ओर से राज्य सरकार से मांग करता हूँ कि अनुसूचित जाति की छात्राओ और महिलाओं को प्रदेश में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था हो और अपराधियों के खिलाफ फ़ास्ट ट्रेक अदालतों में मुकदमा चलाया जाय l दोषी अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दी जाय l

अखिल भारतीय रैगर महासभा का अगला अध्यक्ष कैसा होना चाहिए?

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