गुरुद्वारे में गुजारी रातें, लंगर में खाया खाना, दिल्ली के प्लेयर की रियल स्टोरी

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स्पोर्ट्स डेस्क. IPL के 42वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने दिल्ली डेयरडेविल्स को 9 विकेट से हरा दिया और टूर्नामेंट में अपनी नौवीं जीत दर्ज की। भले ही दिल्ली की टीम ये मैच हार गई हो लेकिन उसकी ओर से ऋषभ पंत ने जबरदस्त बैटिंग करते हुए सबका दिल जीत लिया। पंत ने मैच में 63 बॉल पर नॉट आउट 128 रन (15 चौके, 7 सिक्स) बनाए। इस मैच के दौरान पंत ने कई रिकॉर्ड्स भी अपने नाम कर लिए। उन्होंने बड़ी मुश्किलों के बाद ये मुकाम पाया है, उनकी लाइफ काफी स्ट्रगलिंग रही है। पिछले IPL सीजन के दौरान ऋषभ के पिता का देहांत हो गया था। इसके बावजूद कुछ दिन बाद उन्होंने टूर्नामेंट ज्वॉइन कर लिया था।

अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में ऋषभ पंत ने दिल्ली में काफी स्ट्रगल किया। इस दौरान उन्होंने कई रातें गुरुद्वारे में भी गुजारीं। पंत ने दिल्ली के सोनेट क्लब में कोच तारक सिन्हा से क्रिकेट की कोचिंग ली है। जहां हर शनिवार और रविवार को ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके लिए ऋषभ दिल्ली के मोतीबाग गुरुद्वारे में आकर रुकते थे।
वे शनिवार सुबह लंगर खाने के बाद ट्रेनिंग के लिए क्लब जाते और रविवार को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद रुड़की लौट जाते थे। पंत ने लंबे समय तक इसी तरह गुरुद्वारे में लंगर खाकर दिन काटे।
कई महीनों तक गुरुद्वारे के भरोसे रहने और वहां खाना खाने के बाद पंत के परिवार ने दिल्ली के छतरपुर में किराए पर मकान लिया।

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