गर्मी के मौसम में प्याऊ द्वारा राहगीरों की जल सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं।

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । सुमेरपुर जिला पाली में नगर पालिका रोड़ पर राजकीय मेहता चिकित्सालय के सामने चाय की थड़ी चलाने वाले मंशा राम माली उम्र70 वर्ष पिछले 15-20 वर्षों से लगातार प्याऊ का सफल संचालन कर राहगीरों की प्यास बुझाने का निष्काम भाव से सेवा कर रहे हैं। इस सड़क मार्ग से राहगीर पैदल हो या किसी साधन में यहां पर जरूर रुककर अपनी प्यास बुझाते है।

देश के बहुत सारे भागों में जहाँ पानी की कोई कमी नहीं है वंहा आपको एक गिलास पानी के लिए भी पैसे देने होते है लेकिन राजस्थान में जो ये प्याऊ बने है यंहा आपके लिए आपकी प्यास बुझाने के लिए कोई पैसे नहीं लिए जाते है और खास बात यह भी देखने में मिलती है कि लगभग हर गाँव के बाहर आपको यह मिल जाते है और कोई न कोई व्यक्ति आपको पानी पिलाने के लिए वंहा होता है और अक्सर यह इस तरह होता है कि ग्रामीणों में से ही कोई श्रमदान देने के लिए वंहा होता है l यह किसी एक आदमी की भी जिम्मेदारी हो सकती है और हो सकता है लोग अपनी इच्छा से वंहा यह करते हो l

पुराने समय से ही राजस्थान में पानी की कमी के चलते जो इलाके अधिक सूखे होते है l वंहा पानी की व्यवस्था करके और एक छोटी  झोपडी या मकान बना देते है और उसे सार्वजनिक जलघर/प्याऊ का रूप दे देते है और ऐसा उस जगह किया जाता है जहाँ अगर कोई लम्बा रास्ता हो या कुछ ऐसी जगह हो जहाँ पर सफ़र करने वाले लोगो को पानी सहजता से उपलब्ध नहीं होता है l

कहते हैं कि अगर लोगों की सेवा करने का जब्बा हो तो उसमें उम्र भी आड़े नहीं आती। सुमेरपुर जिला पाली में नगर पालिका रोड़ पर राजकीय मेहता चिकित्सालय के सामने चाय की थड़ी चलाने वाले मंशा राम माली उम्र70 वर्ष द्वारा संचालित प्याऊ पर देशी फ्रीज के नाम से विख्यात मोकलसर के 22 मटके हमेशा भरे रहते हैं। यहां मटको की सजावट देखकर हर कोई राहगीर आकर्षित हो जाता है। यहां पर साफ सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाता हैं।

चाय की थड़ी पर बैठे हुए मंशा राम माली लोगों को पानी पीने के बाद लोटे को उल्टा रखने की हिदायत देते रहते हैं ताकि मटको में पानी झूठा न हो। वैसे तो गर्मियों के मौसम समाजसेवी संस्थाओं द्वारा अस्थायी प्याऊ ठंडे पानी के केम्पर रखकर चलाते हैं तथा बारिश का मौसम आते ही बंद कर देते हैं। लेकिन मंशा राम माली की प्याऊ चाहे सर्दी गर्मी हो या बरसात बारहो ही महीने चालू रहती है। तथा मरीजों के लिए सुबह जल्दी चाय बिस्किट उपलब्ध कराते हैं।

रोजाना सवेरे चार बजे उठकर सभी मटको को धोकर उसमें साफ जल भरते हैं। उनके इस काम मे उनका पुत्र तेजा राम माली भी हाथ बटाता है। इस निशुल्क प्याऊ की व्यवस्था हो जाने से आने जाने वाले राहगीरों व मरीजों के रिश्तेदारों को काफी राहत मिलती है l मंशा राम माली की इस निष्काम सेवा के लिए एसडीएम सुमेरपुर ने अपने कर कमलो से सम्मानपत्र देकर सम्मानित कर चुके है।

भूखे को भोजन देना और प्यासे को पानी पिलाना एक बड़ा ही पुण्य का काम समझा जाता है और इसलिए प्याऊ पर आपको बुजुर्ग लोग या जो लोग सेवाभाव रखते है अपने मन में लोगो के लिए वो लोग बैठे हुए और आते जाते लोगो को पानी पिलाते हुए आप देख सकते है l

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