कुन्दनपुरा में रैगर समाज के जागरूक युवाओ द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय का शुभारंभ

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । जयपुर के कुन्दनपुरा जगतपुरा में बाबा साहब के सपनो को साकार करने के उद्देश्य से रैगर समाज के जागरूक सक्रिय व सकारत्मक विचारो वाले युवाओं के संगठन डॉ. भीमराव अंबेडकर विकास समिति कुन्दनपुरा द्वारा सामुदायिक भवन मे बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर डॉ. भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया ।

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बाबासाहेब किसी एक जाति या वर्ग विशेष के लिए कार्य करने वाले व्यक्ति नहीं थे अपितु उन्होंने समस्त भारत के सर्वसमाज को एक सूत्र में बांधने के लिए समतामूलक समाज की स्थापना हेतु समता, एकता, न्याय का नारा देकर एक नई दिशा दी । अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों के लिए संविधान में व्यवस्था करके उन्होंने इन वर्गों के उत्थान का कार्य किया है। बाबा साहेब ने भाईचारा कायम करके मजबूत राष्ट्र बनाने का सपना दिखाया था।

कुन्दनपुरा जगतपुरा में बाबा साहब के सपनो को साकार करने के उद्देश्य से रैगर समाज के जागरूक सक्रिय व सकारत्मक विचारो वाले युवाओं ने समाजहित में रचनात्मक पहल करते हुए गाँव में बंद पड़े सामुदायिक भवन की साफ-सफाई कर उसमे बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके डॉ. भीमराव अंबेडकर पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया l पुस्तकालय में बच्चो के पढने के विषयो की पुस्तकों के अलावा बाबा साहब से सम्बंधित पुस्तके भी रखी गई है l

डॉ. भीमराव अंबेडकर विकास समिति कुन्दनपुरा के समाजसेवी गंगासागर प्रसोया ने समाजहित को बताया कि बाबा साहेब डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी उस समय विश्व के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति थे और एक प्रबुद्ध पुस्तक प्रेमी भी थे। आज़ादी से पूर्व हमारा समाज शिक्षा के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ था। अब लोगों में जागृति आने लगी है और वे अपने बच्चों को पढ़ाने लगे हैं। कुछ क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर अभी भी काफी नीचे है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित करना होगा ताकि वे संगठित होकर समाजहित में कार्य कर सकें और अपने जीविकोपार्जन हेतु नौकरी या स्वरोजगार स्थापित कर सकें।

युवा समाज का भविष्य हैं और हमें समाज के भविष्य को संवारना है। यह तभी सम्भव है जब हम समाज के युवाओं को पुस्तकालय के माध्यम से सही अध्ययन और मार्गदर्शन दे पाएं, जिससे वे सही और गलत में भेद करना सीख जाएं । गलत मार्गदर्शन होने पर उनका कैरियर बर्बाद हो सकता है l इसलिए युवाओं को अपनी शिक्षा, कैरियर और समाज तीनों में आपसी तालमेल बनाते हुए कार्य करना चाहिए। समाज के जो भी भामाशाह पुस्तकालय के विकास में सहयोग करना चाहे तो समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों से संपर्क करें l

इस अवसर पर युवाओ ने बाबा साहेब के बताए स्वतन्त्रता, समता, बंधुत्व एवं न्याय के मार्ग पर चलकर समाज को जागृत करने तथा बाबा साहेब के शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो के नारे को शोषित समाज में पहुंचाने का प्रण लिया । इसमें समिति के अध्यक्ष त्रिलोक प्रसोया, संरक्षक गजेंद्र उदेनिया, महामंत्री रामअवतार मौर्या, मंत्री राम सौन्करिया, कोषाध्यक्ष शंकर मुंडोतिया, सदस्य चिरंजी लाल प्रसोया ,गंगासागर प्रसोया, रामराज सोनवाल, धर्मेन्द्र प्रसोया, मनोज उदेनिया, कालूराम मौर्य, चिरंजीलाल प्रसोया, ताराचंद प्रसोया, अनिल सौन्करिया, प्रह्लाद मुंडोतिया व गाँव अन्य गणमान्य लोग व बच्चे आदि मौजूद थे l

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