अखिल भारतीय रैगर महासंघ ने प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा की

2
644

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । राजस्थान में लोकतंत्र के सबसे बड़े महोत्सव विधानसभा चुनाव के लिए बिगुल बज चुका है और जातिगत राजनीति अब रंग दिखाने लगी है । भाजपा और कांग्रेस राजस्थान के रण को जीतने की तैयारी में जुटी है । दोनों पार्टियों का खेल बिगाड़ने के लिए अखिल भारतीय रैगर महासंघ ने प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करने की घोषणा की है । प्रदेश में कई ऐसी सीटें हैं, जहां कांग्रेस एवं भाजपा की जीत-हार का फैसला रैगर समाज के मतदाताओ के हाथों में हैं । जिसके कारण इस बार के विधानसभा चुनाव में रैगर समाज अपना पूरा असर छोड़ेगा, इसमें कोई संदेह नहीं है ।

समाजहित एक्सप्रेस पर प्रसारित होने वाले हिंदी समाचार के निशुल्क अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें l

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने टिकट बंटवारे में अभी तक रैगर समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने का ऐलान नहीं किया l रैगर समाज की राजनैतिक पार्टियों के प्रति नाराजगी के चलते अब खुलकर अखिल भारतीय रैगर महासंघ ने प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा कर चुनाव लड़ाने की ताल ठोक दी है l सामान्यतः राजस्थान की 25 विधानसभा सीटों पर रैगर समाज का बाहुल क्षेत्र होने से सीधे तौर हार-जीत के निर्णय पर प्रभाव माना जाता है |

अखिल भारतीय रैगर महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव नवरतन गुसाईवाल ने कहा कि बाबा साहब के कथन के अनुसार समाज का विकास करने के लिए रैगर समाज के व्यक्ति का राजनीति में आना महत्वपूर्ण है, और आज ये समाज और समय की मांग भी है । क्योंकि प्रदेश की सभी राजनैतिक पार्टियों ने सत्ता के बल पर दलितों के साथ अन्याय व शोषण कर मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है, अब जुल्म बर्दास्त नहीं किया जायेगा, रैगर समाज को अब राज्य की सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व चाहिए l इतिहास गवाह है जहां विभिन्न समाज के मतदाता जागरूक हो जाता है । वहां मिली-जुली सरकार ही बनती है ।

अखिल भारतीय रैगर महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष हनुमान आजाद ने कहा कि जो रैगर राजस्थान में अपने क्षेत्र में राजनैतिक प्रभाव रखते हो और चुनाव लड़ना चाहता है तो वह अपना नाम अखिल भारतीय रैगर महासंघ को भेजे l जिस क्षेत्र में अगर राजनैतिक पार्टी से टिकट लेकर रैगर प्रत्याशी होगा वहां अखिल भारतीय रैगर महासंघ अपना रैगर प्रत्याशी नहीं उतारेगी और उस रैगर प्रत्याशी को जिताने में सहयोग करेगी l रैगर समाज के मतदाताओ से भी विन्रम प्रार्थना है कि मतदान वाले दिन रैगरों की ताकत दिखने की सोच के साथ वोट का बटन दबाना होगा । समाजहित में जहाँ जहाँ रैगर समाज के स्वतंत्र उम्मीदवार चुनाव में खड़े हो वहां के रैगर मतदाता, रैगर पंचायत और सामाजिक धार्मिक संगठन के पदाधिकारीगण उनके पक्ष में प्रचार-प्रसार कर सहयोग करें l इसके अलावा आजाद ने शहर व गांवों में मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करते हुए अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की भी अपील की ।

ज्यों ज्यों चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य के राजनैतिक घटनाचक्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है । कुछ दशकों में जातिगत समीकरण ही सरकार बनाने में सहायक रहे है l परन्तु अब सभी समाज के मतदाता अपने अधिकारों के प्रति सजग हो चुके है, जिसमे हार-जीत में निर्णायक भूमिका निभाने वाले प्रमुख समुदायों में रैगर, बैरवा, मेघवाल, खटीक, चमार, वाल्मीकि, मीणा, और मुस्लिम शामिल हैं।

राजनीति के जानकारों के अनुसार राज्य की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति इस बार पहेली की तरह जटिल है और ये जातीय समीकरण परिस्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं । ये समुदाय जिस राजनैतिक दल की तरफ झुकाव लेते है उसी की सरकार बन जाती है l

2019 के लोकसभा चुनाव में आप किसके साथ हैं........??

View Results

Loading ... Loading ...

2 COMMENTS

  1. Please aap Raigar ko Rai-gar-an likho kyonki hamate Saman joking aboriginal tribals hai or inka clan Rai Khan sey nikla hai hamate hi Rai khan sey khan Lita logo be aaj bhi hamari kuch gotras hai jinme Rai mean Raigar ya Rai-gar-an synonyms Hain isliye RAIGARAN likho Hudappa or Mohanjodaro bhi hamre hi clans or tribes or Kabilah ke hi log the isliye gotta see pahle lagagane lage Hain APNI khoi hui kadimi-histry ki apna rage Hain
    Regards
    H L Rai Khankharia
    Basti Rai-gar-an
    Delhi

LEAVE A REPLY