स्वतंत्र प्रत्याशी डॉ.राकेश सिंवासिया चुनाव प्रचार के दौरान रोगियों का उपचार कर दुख-दर्द के भी भागीदार बन रहे है

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । अजमेर। राजस्थान में अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के एक स्वतंत्र प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जो चुनाव प्रचार के दौरान रोगियों का उपचार भी कर रहे हैं । प्रत्याशी के इन कार्यों की शहर में खासी वाहवाही भी हो रही है । यह प्रत्याशी पेशे से चिकित्सक हैं और कांग्रेस के बागी उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं । अजमेर जिले में 18 लाख से ज्यादा मतदाता हैं l इनमें अनुसूचित जाति और जनजाति के वोटरों की संख्या करीब साढ़े तीन लाख है l

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्थान का अजमेर जिला सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है l अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के बागी उम्मीदवार डॉ. राकेश सिंवासिया स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में है जिनका चुनाव निशान भी उनके पेशे के अनुसार सिरिंज है l डॉ सिंवासिया लगातार जनसम्पर्क करके उन्हें विजयी बनाने की अपील मतदाताओं से कर रहे हैं । जनसम्पर्क के दौरान लोग उनसे अपनी बीमारी के बारे में भी बात कर रहे हैं । जनता के साथ रहकर उनके दुख-दर्द के भागीदार बन रहे है । डॉ राकेश सिंवासिया रैगर समाज व अन्य अनुसूचित जातियों और रेलवे कर्मचारियों के बलबूते चुनाव लड़ रहे हैं । सिंवासिया ने भी अपनी जीत का दावा किया है ।

डॉ सिंवासिया जनसम्पर्क के दौरान रोगियों की जांच करके परामर्श भी दे रहे हैं । डिग्गी बाजार क्षेत्र के लोगों से अपने पक्ष में मत देने की अपील कर रहे थे । जीत का है भरोसा इसी दौरान एक महिला ने अपने पति के सिर पर भारी वस्तु गिरने और इसके कारण लकवाग्रस्त होने की बात बताई तो डॉ सिंवासिया तुरंत मरीज को देखने घर के अंदर पहुंच गए और उसकी जांच के बाद परामर्श दिया साथ ही शारीरिक व्यायाम करने की सलाह भी दी ।

डॉ सिंवासिया के इन्हीं कामों की शहर में चर्चा है । डॉ सिंवासिया मीडिया से भी रूबरू हुए । उन्होंने कहा कि उनका पेशा सेवा से जुडा है और राजनीति में आने का मकसद भी जनता की सेवा करना है । क्षेत्र के लोगों को जो पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है । उससे निजात दिलाने के लिए पूरा प्रयास करेंगे । उन्होंने दावा भी किया कि क्षेत्र के मतदाताओं का पूरा प्यार उन्हें मिल रहा है और उन्हें विश्वास है कि जीत अवश्य मिलेगी । लेकिन हार जीत का निर्णय तो मतदाता पर निर्भर करता है । परिणाम 11 दिसम्बर को सामने आएंगे,  इससे ही सिद्ध होगा कि जनता ने किसे अपना समर्थन दिया है ।

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं l इनमें 142 सीट सामान्य, 33 सीट अनुसूचित जाति और 25 सीट अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं l एक प्रत्याशी की मृत्यु के कारण एक क्षेत्र में चुनाव रद्द हो गया, इसलिए अब 199 सीटो पर ही चुनाव होगा l

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