दिव्यांग नरेंद्र कुमार बारोलिया व्हीलचेयर क्रिकेट का उभरता सितारा

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । जयपुर l आपने क्रिकेट तो बहुत देखा होगा, लेकिन ऐसा क्रिकेट नहीं देखा होगा जहाँ खिलाड़ी मैदान पर व्हीलचेयर बैठे हो l ये ऐसे खिलाडी है जो शारीरिक रूप से अक्षम होते हुए, इनके होंसले बुलंद है l ये खिलाडी व्हीलचेयर से बेटिंग, बॉलिंग, कीपिंग और फिल्डिंग कर बेहतरीन खेल खेलकर अनोखी क्रिकेट का प्रदर्शन करते है l आज समाजहित एक्सप्रेस एक उभरते हुए व्हीलचेयर क्रिकेट के खिलाडी नरेंद्र कुमार बारोलिया से आपको मिलवाते है जोकि राजस्थान के जयपुर जिले का निवासी है l

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मानव के समग्र विकास में खेलों की अहम भूमिका रही है । खेल, मनोरंजन के साधन और शारीरिक दक्षता पाने के एक माध्यम के साथ-साथ लोगों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने और उनके बीच के संबंधों को अच्छा बनाने में भी सहायता करता है l राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शारीरिक रूप से अक्षम/दिव्यांग भी खेल में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का जलवा दिखा कर गौरवान्वित महसूस करते हैं ।

नरेंद्र कुमार बारोलिया का जन्म राजस्थान के जयपुर जिले के गाँव में एक साधारण परिवार में हुआ इनके पिता का नाम हीरा लाल बारोलिया है l नरेंद्र कुमार पोलियो के कारण शारीरिक रूप से अक्षम है, लेकिन दिव्यांग होने के बावजूद भी इसमें क्रिकेट खेलने का जज्बा है l उसने बताया कि मैं शारीरिक रूप से अक्षम जरुर हूँ लेकिन किसी भी मामले में किसी से कम नहीं हूँ और मैं बतौर खिलाड़ी अपनी पहचान बनाकर देश का नाम रोशन करना चाहता हूँ l

दिव्यांग नरेंद्र कुमार बारोलिया एक ऐसा खिलाडी है जो किसी भी बॉलर के छक्के छुड़ा सकता है । नरेंद्र हार्ड हिटिंग के लिए जाने जाते है, इसके अलावा बॉलिंग और फिल्डिंग भी अच्छी कर लेता है । इसके अच्छे प्रदर्शन की बदौलत विगत उत्तराखंड के रुद्रपुर में आयोजित नेशनल लेबल व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में व्हीलचेयर आलराउंडर क्रिकेटर के रुप में खेलने का मौका मिला है । जिसमे राजस्थान, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, दिल्ली व उड़ीसा की टीमों ने भाग लिया था l

इस प्रतियोगिता में नरेंद्र कुमार बारोलिया ने राजस्थान की टीम की और से खेलते हुए 21 बोलो पर 42 रन बनाये जिसमे 9 चौके और 1 छक्का मार कर बेहतर खेल का प्रदर्शन किया था l अच्छे प्रदर्शन का ही जलवा है जो लोग इन्हें याद रखते है l अपनी काबलियत की वजह से नरेंद्र आज व्हीलचेयर क्रिकेट टीम का उभरता सितारा बन गया है । सामान्य क्रिकेटरों की तरह दिव्यांग क्रिकेटर भी देश के लिए जी जान लगा रहे हैं ।

भारत में भी अब दूसरे खेलों की तरह क्रिकेट में भी दिव्यांगो/विकलांगो को अपना जौहर दिखाने का मौका देने के लिए सरकार तैयार है । इसी प्रयास में इंडो व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा आगामी 15 से 22 जनवरी 2019 तक व्हीलचेयर प्रीमियर लीग प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा l इस लीग में भाग लेने हेतु नरेंद्र ने अपना नाम रजिस्टर करा दिया है और उन्हें उम्मीद है इस प्रतियोगिता के लिए उनका चयन हो जायेगा l