नेहा वैष्णव वीरमाता पन्नाधाय के ऐतिहासिक त्याग व बलिदान को पूरे जोश के साथ गाकर स्टार बनी

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नेहा वैष्णव की छुपी प्रतिभा को प्रधानाध्यापक लक्ष्मी रैगर व शिक्षको के मार्गदर्शन व सहयोग से उभारा

दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । अभावों में जीवन गुजारने वाले अपने कौशल के बल पर बुलंदियों पर पहुंच जाते हैं, राजस्थान में उत्कृष्ठ विद्यार्थियों की कमी नहीं है, केवल अभावो में जीवन व्यतीत करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देकर तराशने की जरूरत है l यह साबित कर दिखाया राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक लक्ष्मी रैगर और प्रशिक्षक राधेश्याम वैष्णव(पीटीआई) व घनश्याम दमामी के प्रोत्साहन व मार्गदर्शन में 13 वर्षीय सातवी की छात्रा नेहा वैष्णव ने चंदन के बलिदान और पन्नाधाय के त्याग पर आधारित कविता को इतने मार्मिक ढंग से गाया कि उसे 15 जनवरी को डूंगरपुर जिले में आयोजित कस्तूरबा स्कूल की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला l

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजसमंद जिले के रेलमगरा उपखण्ड में दरिबा निवासी कैलाश दास वैष्णव की 13 वर्षीय पुत्री नेहा वैष्णव जो रेलमगरा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की सातवीं कक्षा की छात्रा है और कैलाशदास वैष्णव नया दरीबा में चाय की थड़ी लगाकर परिवार चलाते है, मां नरेगा में मजदूरी करती है l परिवार मे दो बडे भाई है, परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर होने के कारण एक बडे भाई को ग्यारहवी कक्षा में पढ़ाई छोड़नी पड़ी l

विगत 15 जनवरी को स्व.भीखा भाई राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय विद्यालय सांगवाड़ा जिला डूंगरपुर में आयोजित कस्तूरबा स्कूल की संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में नेहा वैष्णव ने मेवाड़ की आन, बान, शान के लिए वीर माता पन्नाधाय के ऐतिहासिक त्याग व बलिदान को पूरे जोश के साथ अपनी मनमोहक ठेठ मेवाड़ी आवाज और अंदाज में गाकर सबको अपनी ओर आकर्षित कर लिया l कार्यक्रम मे कविता प्रस्तुत करने के बाद स्थानीय विद्यालय के शिक्षकों ने इसे अपने मोबाईल पर रिकोर्ड करके वायरल कर दिया। उसके बाद से मेवाड मे हर दूसरे आदमी के स्टेटस और मोबाईल मे यह कविता सुनी और सुनायी जा रही है । नेहा वैष्णव की प्रतिभा को निखाकर आगे लाने और इस मुकाम तक पहुँचाने में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापक लक्ष्मी रैगर और प्रशिक्षक राधेश्याम वैष्णव(पीटीआई) व घनश्याम दमामी का विशेष सहयोग रहा ।

 

संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के उपरांत नेहा वैष्णव के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय रेलमगरा मे पंहुचने पर तहसीलदार,शिक्षा विभाग के अधिकारीयों, स्थानीय विद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं सहित अभिभावकों व विभिन्न संगठनों ने भी इसका सम्मान किया । वीडियो में आपने नेहा की कविता सुनी होगी, यह कविता चित्तौड़गढ़ जिले के छोटे से गांव गंगरार क्षेत्र के चौगावड़ी निवासी राजस्थानी गीतकार डॉ. सोहनलाल चौधरी ने लिखी है, जो निम्नलिखित है :-

अरे रररररररर… पन्ना काली वा, अंधियारी रे मां जल रात……

अंधियारी रे आधी रात…ले नानो सो उदियो साथ…

चित्तौड़ दुर्ग सू ऐकली चली… कुंभलगढ़ ताई चाल पड़ी…

मेवाड़ धरा पे उण वेळिया में, राज करे बनवीर ऐ मां

राज करे बनवीर ऐ……

मार लिया छल सूं विकरम ने, उदीया ताई अधीर ऐ मां

उदीया ताई अधीर……

अरे रर… पन्ना खुद रा टाबर चंदन से बुलवाय…

पिलंगा उदिया के पोडाय, चंदन पर देखो कटारी चली

पन्ना पर कतरी विपदा पड़ी…

अरे रर… पन्ना काली वा अंधियारी रे मां जल रात…

अंधियारी रे आधी रात…ले

नानो सो उदियो साथ…चित्तौड़ दुर्ग सू ऐकली चली

कुंभलगढ़ ताई चाल पड़ी…

आसुडा आंखियां पे रोकिया, पन्ना थू बड़ भागण है…मां

पन्ना थू बड़ भागण है…

मेवाड़ धरा पर चंदन वारियो, थू अलबेली जामण है…

मेवाड़ धरा पर चंदन वारियो, थू अलबेली जामण है…

राखियो आथमथो…2 अरे रररररररररर

सिसोदिया रो कुल भाण…2

वो एकलिंग दिवान.., नेणा सूं बूंद न पड़ी…ये पन्ना

अरे रर… पन्ना काली वा अंधियारी रे मां जल रात…

थो कोई न थारे साथ, नानो सो उदियो साथ…

चित्तौड़ दुर्ग सू ऐकली चली…कुंभलगढ़ ताई चाल पड़ी…

 

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