दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के तत्वाधान में स्त्री सशक्तिकरण हेतु स्त्री परिचर्चा का कार्यक्रम आयोजित

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । दिल्ली l सामाजिक सरोकारों में स्त्री की भूमिका व पुरुष का योगदान, घर-परिवार में बुजर्गो की देखभाल व सम्मान तथा बच्चों की शिक्षा व संस्कार विषय पर दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत के तत्वाधान में ऐतिहासिक स्त्री परिचर्चा पर एक कार्यक्रम का आयोजन रविवार को संपन्न हुआ । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ०भावना शुक्ला प्राध्यापक कालिंदी कॉलेज (नॉन कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय, साहित्यविद् सह संपादक प्राची०), अध्यक्षता श्रीमती सुशीला मदन खोरवाल (निगम पार्षद देव नगर वार्ड) सानिध्य प्रदीप मोहन चांदोलिया (प्रधान दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत), विशिष्ट अतिथि श्रीमती ज्योति बड़ीवाल (पूर्व निगम प्रत्याशी आप) मौजूद रही l

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कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु वंदना पुष्प माल्यार्पण करके किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद डॉ भावना शुक्ला ने उपरोक्त विषयों पर विस्तार से अपनी बात कहते हुए, वैदिक काल से आधुनिक काल व वर्तमान में महिलाओं की स्थिति पर अपने सारगर्भित उद्बोधन से महिलाओं को प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि ज्योति बड़ीवाल ने स्त्रियों को अपने स्वयं के अस्तित्व पर ध्यान केंद्रित करते हुए तर्कपूर्ण वक्तव्य दिया l कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती सुशीला मदन खोरवाल अपनी बात रखते हुये कही महिलाएं वर्तमान में केवल घर परिवार समाज में ही नहीं राजनीतिक पटल पे भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर रही हैं, ये भविष्य के लिए अच्छा संकेत है साथ ही उन्होंने इस योगदान में पुरुष की महती भूमिका पर भी महिलाओं का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम की आयोजिका दिल्ली प्रांतीय रैगर पंचायत की उपप्रधान चन्द्रकांता सिवाल “चन्द्रेश” ने अपने संबोधन में महिलाओं को घर परिवार व सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी भूमिका को सही दिशा दृष्टिगत करने व आत्ममंथन करने पर जोर दिया। वे बोली हमें आत्ममंथन करना होगा कि हमारे बच्चों की शिक्षा सही दिशा में हो रही है कि नहीं हमें चिंतन करना होगा कि हमारे बच्चों के संस्कार हमारे सामाजिक अनुकूल हो रहे है कि नहीं, बच्चों की शिक्षा संस्कार में हम महिलाओं को महत्ती भूमिका निभानी है। अतः हम सदैव तत्पर रहे की बच्चों की शिक्षा सही दिशा में हो जिससे उसका सर्वांगीण विकास हो। हर औरत में एक असाधारण स्त्री की गौरव महागाथा छुपी है l

घर-परिवार व समाज के निर्माण में स्त्री का बहुत बड़ा एवं उच्‍चकोटी का योगदान है अत: उसका घर-परिवार व समाज में अत्‍याधिक महत्‍व हो जाता है । स्त्री ही समाज की जननी, ममतामयी, चरित्रवान, कुशल गृहिणी के रूप में गृह लक्ष्‍मी, संकट की घड़ियों में वह धैर्यवान, शौर्यवान और शक्ति स्‍वरूपा एवं गौरवमयी है । ऐसी सुशील, विवेकशील स्त्री शिक्षित हो, तो वह घर-परिवार व समाज का गौरव है ।

कार्यक्रम में अपनी विचार अभिव्यक्ति में जिन महिलाओं सहभागिता की उन्हें मुख्य अतिथि डॉ भावना शुक्ल, श्रीमती सुशीला मदन खोरवाल, श्रीमती मीरा तोणगरिया द्वारा सम्मानित किया गया। उनमें श्रीमती पुष्पा सरसुनिया, श्रीमती अनिता धूड़िया, श्रीमती वीना जाजोरिया, श्रीमती सरिता सौन्करिया शामिल है । आयोजन में कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती रचना सेरसिया, श्रीमती सरिता जग्गरवाल, श्रीमती वीना जाजोरिया, श्रीमती मीना झंगीनिया, श्रीमती बबिता कांसोटिया एवं समाज की गणमान्य मातृशक्ति उपस्थित रही ।

इस अवसर पर चर्चा के बहाने स्त्रियों की दशा पर बातें हुईं । औद्योगिक मिजाज के शहर दिल्ली में ऐसी गोष्ठियां स्त्री सशक्तिकरण के लिए माहौल बनाने का काम करती हैं । इस महत्वपूर्ण आयोजन की सूत्रधार तथा संयोजक पंचायत की उपप्रधान कवियत्री चन्द्रकांता सिवाल “चंद्रेश” ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया तथा धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की ।

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