हरियाणा पुलिस को तीन पत्रकारों के खिलाफ गैरकानूनी तरीके से रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार करना महंगा पड़ा

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगाँवलिया) । हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद के तीन वरिष्ठ पत्रकारों के खिलाफ गैर-कानूनी तरीके से मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करना मंहगा पड़ गया । पीड़ित पत्रकारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की माननीय न्यायाधीश निर्मलजीत कौर ने हरियाणा पुलिस के पूर्व डीजीपी बी एस संधू, हिसार रेंज के आईजी अमिताभ सिंह ढिल्लों एवं एसपी विजिलेंस सुखबीर सिंह पहलवान, सहित कई पुलिस अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर अवमानना के नोटिस जारी करके 23 मई तक जवाब मांगा है ।

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प्राप्त जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट की माननीय न्यायाधीश निर्मलजीत कौर की अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता एस.एस. बरार, पवन सांखला एवं ललित सांखला ने पेश होकर उक्त मामले में तीनों पत्रकारों का पक्ष रखा। उक्त याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि एक समाचार प्रसारित करने पर गैर-कानूनी तरीके से फरीदाबाद पुलिस ने वरिष्ठ पत्रकार नवीन धमीजा, संजय कपूर एवं नवीन गुप्ता के खिलाफ आईटी एक्ट 67ए, 354डी एवं 499 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया जबकि तीनों पत्रकारों द्वारा प्रकाशित खबरों में किसी व्यक्ति, महिला एवं राजनैतिक दल का नाम तक नहीं था।

यह मामला 15 अप्रैल 2018 का है जब फरीदाबाद के तीन पत्रकारों संजय कपूर, नवीन धमीजा, व नवीन गुप्ता ने अपने आनलाइन वेब न्यूज पोर्टल पर हरियाणा के एक विधायक व एक नेत्री के मामले को बिना उनका नाम लिए एक समाचार प्रसारित किया था, पोर्टल में यह प्रसारित होने के पूर्व ही सोशल मीडिया पर समाचार चटकारे लेकर चर्चा का विषय बन चुका था। महिला नेत्री ने पोर्टल की खबर को आधार बनाकर तीनों पत्रकारों के खिलाफ पुलिस से शिकायत कर दी,इस शिकायत और राजनैतिक दबाव में पुलिस ने 16 अप्रैल 2018 को उक्त तीनों पत्रकारों को आई.टी एक्ट की धारा 67 ए, 354 डी एवं499 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हैरानी की बात यह थी कि तीनों ही पत्रकारों ने अपने प्रसारणों मे किसी आदमी, महिला, या दल का नाम नहीं लिया था । पत्रकारों को हिमाचल प्रदेश के ऊना से राजनैतिक दबाव के चलते उस समय गिरफ्तार गया जब वे धार्मिक स्थलों की यात्रा पर थे।

पुलिस-राजनेताओं के इस नापाक गठजोड़ के खिलाफ पत्रकारों ने पुरजोर तरीक़े से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। पत्रकारों का आंदोलन अभी चल ही रहा था कि पत्रकार नवीन धमीजा के पिता पृथ्वीराज धमीजा को अपने पुत्र के प्रति पुलिस के इस अमानवीय व्यवहार के चलते बड़ी ठेस पहुंची और वे इस सदमे के चलते स्वर्ग सिधार गए। इससे पत्रकारों के गुस्से में उबाल आ गया और पत्रकारों ने नये तेवरों और जुनून के साथ आंदोलन शुरू कर दिया। शासन स्तर पर मामले की जाँच चल ही रही थी, इसी बीच पत्रकार संगठनों ने पंजाब/हरियाणा हाईकोर्ट की शरण ली।

अब अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा के तत्कालीन डीजीपी बी.एस. संधू, फरीदाबाद के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर अमिताभ ढिल्लो ( वर्तमान आई.जी. हिसार), तत्कालीन डीसीपी क्राईम सुखबीर सिंह पहलवान ( मौजूदा एसपी विजिलेंस गुरूग्राम), फरीदाबाद के तत्कालीन क्राईम ब्रांच सैक्टर 30 प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप मोर सहित गिरफ्तारी टीम में शामिल रहे सब-इंस्पेक्टर रविन्द्र सिंह, एएसआई अनूप तथा हवलदार राजीव नामक पुलिस कर्मचारियों को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने इन सभी पुलिस अधिकारियों से 23 मई, 2019 तक जवाब मांगा है कि क्यों ना तुम्हारे खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवमानना करने की कार्रवाई की जाए।

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