ममतामयी माँ औलाद से परेशान होने पर भी औलाद का बुरा नहीं सोचती

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l माँ जो अपनी औलाद को नौ महीने पेट में रखने के बाद जन्म देती है और सुखद दुखद परिस्थितियों में पालन पोषण करती है l  इसलिए मां बेटे का रिश्ता सबसे पवित्र और अटूट होता है। प्रकृति के नियम के  अनुसार सभी प्राणी जीवन में हर पल हर दिन वृद्ध हो रहे हैं । जिस माँ ने अपने बेटे बेटियों को जन्म दिया उसे क्या पता था कि बुढ़ापे में वही बेटे अपनी माँ को दर-दर की ठोकर खाने पर मजबूर कर देंगे l

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घटना हापुड़ क्षेत्र की है जहाँ एक वृद्ध महिला सड़क पर बैठी रो रही थी l पुलिस इन्स्पेक्टर महावीर सिंह अपनी गस्त पर थे उनकी नज़र उस वृद्ध महिला पर पड़ी जो सड़क पर बैठी रो रही थी l उन्होंने स्थिति को जानने के लिए उस महिला के पास गए और रोने का कारण पूछा स्थिति जानकर उसके बेटो को बुलाकर समझाइश देकर गलती का अहसास कराकर वृद्ध महिला को घर भिजवाया l

इन्स्पेक्टर कोतवाली महावीर सिंह (हापुड़) की क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा कि एक बुज़ुर्ग जो माँ सड़क पर बैठी रो रही थी । पुलिस इंस्पेक्टर ने उत्सुकतावश पूछ बैठे, माता जी आप रो क्यूँ रहीं हैं….??

पहले तो वह बताने को तैयार नहीं हुयी.. पुलिस इंस्पेक्टर ने सहानुभूतिपूर्वक उसे थाने लेकर आए और  पानी पिलवाया,फिर पूछताछ की तो पैरों तले ज़मीन खिसक गयी।

वृद्ध महिला ने बताया कि मेरे तीन बेटे हैं,एक सरकारी नौकर है और दो बेटे अपना व्यापार करते हैं। मेरे पति का दो वर्ष पूर्व देहावसान हो चुका है। मुझे उन्होंने घर से निकाल दिया है…मैं अब इस उम्र में कहाँ जाऊँ…इतना कह रोने लगी।

इन्स्पेक्टर साहब ग्राम प्रधान के माध्यम से बेटों से फ़ोन कर बात की और उन्हें समझाया कि एक माँ ने तुम 3 बेटो को पाल लिया जब तुम छोटे थे…आज तुम बड़े हो गए और माँ असहाय हो गयी तो तुम 3 बेटों से एक माँ नहीं पाली जा रही..धिक्कार है तुम पर..

काफ़ी देर समझाने के बाद जब उनकी समझ में आ गया तो बेटे “माँ” को रखने के लिए तैयार हो गए। लेकिन जब उस माँ को लगा कि अब बेटे मुझे ले जाने को तैयार हैं तो फिर से इन्स्पेक्टर साहब के सीने से लिपट गयी और रोने लगी..

कारण पूछा तो बोली मुझे डर लग रहा है कि कहीं आप मेरे बच्चों को जेल में न डाल दें…वास्तव में यही माँ की ममता होती है… तुरंत इन्स्पेक्टर साहब ने आश्वासन दिया कि मैं कोई क़ानूनी कार्यवाही नहीं करूँगा। तब जाकर वो माँ अपने बच्चों के साथ घर वापस गयी ।

पुलिस इन्स्पेक्टर महावीर सिंह के द्वारा एक वृद्ध माँ के दर्द को समझकर परिवार से मिलवा कर पुनर्वासन किया, इस समाजहित के कार्य के लिए समाजहित एक्सप्रेस पुलिस इन्स्पेक्टर महावीर सिंह का धन्यवाद करता है l

 

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