लग्न, मेहनत और दृढ़ निश्चय के बल पर समाजसेवा की मिशाल बनें नेतराम पिंगोलिया

0
694
समाजहित एक्सप्रेस के संपादक रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया की कलम से

किसी भी महापुरूष का नाम तब तक चमकता है जब तक उसकी संतान, उसके अनुयायी उसके द्वारा प्रतिपादित आदर्शो और उनके नाम से समाज सेवा में उल्लेखनीय कार्य करते रहते है । उनकी कीर्ति को अमर बनाते है ऐसे ही आदर्श अनुयायी संतान है दिल्ली के रैगर समाज के अग्रणी समाज सेवी नेतराम पिंगोलिया (अध्यक्ष अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला) जिन्होंने रैगर समाज की विशाल धर्मशाला को आधुनिक सुविधाओ से सुसज्जित कर अनुकरणीय समाजसेवा से श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य और रैगर समाज का नाम पूरे राजस्थान में ही नहीं समस्त भारतवर्ष के रैगर समाज को प्रेरणा प्रदान की है ।

समाजहित एक्सप्रेस पर प्रसारित होने वाले हिंदी समाचार के निशुल्क अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें l

देश विदेश में सुविख्यात देवभूमि रामदेवरा (रुणिचा) में दिनांक 16-07-2019 मंगलवार को अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के तत्वाधान में रैगर समाज की विशाल धर्मशाला के प्रागण में श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य की 11वीं पुण्यतिथि रैगर समाज के द्वारा धूमधाम से मनाई गई l इसमें रैगर समाज के सैंकड़ो नर-नारियों ने श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य श्रृद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया l

इस अवसर पर मैं लगातार श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य की पुण्यतिथि पर पहुँचता हूँ और कार्यक्रम का साक्षी होता हूँ l इस बार जब मैं 15-07-2019 को अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के प्रांगण पहुंचा तो देखा अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया व हरनारायण कांसोटिया धर्मशाला के प्रागंण की फर्श को बड़ी मेहनत से पानी से धो रहे थे दोनों पसीने पसीने हुए हुवे थे l मैंने मेरे जीवन में आजतक किसी अध्यक्ष को यात्रियों के लिए प्रांगण की सफाई खुद करते हुए नहीं देखा l इस बात से मैं इतना प्रभावित हुआ कि उस क्षण को तुरंत मोबाइल में कैद कर लिया l

इसी दिन 15-07-2019 को मैंने देखा कि अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया ने 11वीं पुण्यतिथि पर आये हुए रैगर समाज के सभी पुरुष और मातृशक्ति के रहने की व्यवस्था की l दोपहर और रात्रि में भोजन के लिए नेतराम पिंगोलिया ने व्यक्तिगत रूप से सभी लोगो से नम्रतापूर्वक खाना खाने का आग्रह किया l रात को श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य की स्मृति में सत्संग का आयोजन किया गया l

धर्मशाला के प्रांगण में रामजन मंडल की सत्संग मण्डली द्वारा भजन कीर्तन किया जा रहा था इसके दौरान मैं रात्रि ढाई बजे धर्मशाला में लोगो की स्थिति को देखने के लिए ठहल रहा था तो मैंने देखा अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के प्रांगण में पड़े तख़्त पर नेतराम पिंगोलिया सो रहे थे, जिस पर एक व्यक्ति और भी सो रहे थे l मैं यह देखकर बहुत ही आश्चर्यचकित हुआ कि विशाल रैगर धर्मशाला का अध्यक्ष बिना कोई चादर बिछाये सिकुड़ कर सो रहा है, तो मैंने तुरंत उस क्षण को भी मोबाइल में दर्ज कर दिया l जबकि मैंने आजतक देखा है कि अन्य संस्थाओ के अध्यक्ष अपने वातानुकूलित कमरें में सोये रहते है और कार्यकर्ता अध्यक्ष के आदेश का पालन करते हुए काम देख रहे होते है l

दिनांक 16-07-2019 को सुबह छ बजे मैं धर्मशाला की छत पर बैठा था कि अचानक अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया छत पर आये और अकेले ही पानी के पाइप को ठीक कर रहे थे मैंने उनसे पूछा कि क्या हो गया उन्होंने बताया टंकी में पानी ख़त्म हो गया वो चाहते तो किसी पदाधिकारी को आदेश भी कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और शिकायत मिलने पर तुरंत खुद ही जाकर समस्या का समाधान किया l रात्रि सत्संग के बाद प्रात: चाय नाश्ते के उपरांत दोपहर में भंडारे में सभी लोगो को प्रशादी का भोजन कराया गया l

इन सब बातों को देखकर एहसास होता है कि श्री श्री 1008 साध्वी बालकदास जी महाराज धर्माचार्य ने बड़े ही सोच समझकर अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला की जिम्मेदारी नेतराम पिंगोलिया और उनकी टीम को सौंपा था l विगत कई वर्षों से निस्वार्थ भाव, लगन एवं कड़ी मेहनत के बलबूते एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म लेने वाले अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया के नेतृत्व में उनकी टीम के सदस्य पुरी जिम्मेदारी व अनुभव के साथ अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के विकास के माध्यम से रामदेवरा में रैगर समाज का नाम बुलंदियो पर पहुचाया है l आज नेतराम पिंगोलिया व उनकी टीम के सदस्यों की लगन, मेहनत और समाज के प्रति समर्पण देखकर रैगर समाज को उन पर अभिमान होता है ।

मैंने दो दिन के प्रवास के दौरान जो देखा उसे रैगर समाज के समक्ष लाने का प्रयास किया है कि कितनी लग्न और तत्परता से अखिल भारतीय रैगर समाज धर्मशाला के अध्यक्ष नेतराम पिंगोलिया समाज सेवा कर रहा है और उनकी इस लग्न और तत्परता को देखते हुए टीम के सदस्य भी किसी काम में कोताई नहीं बरतते l समाज सेवा आप तभी कर सकते हैं जब आप में लग्न, मेहनत और दृढ़ निश्चय हो ।

 

LEAVE A REPLY