कलेक्टर साहब ने भूखी, बीमार अवस्था में पड़ी असहाय वृद्ध महिला के साथ बैठ खाना खाया और पेंशन दी

0
369

असहाय गरीब के साथ बैठकर खाने से दूर हो जाती है छोटे-बड़े, अमीर-गरीब की दूरी l

दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l तमिलनाडु में एक ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनते ही हर कोई भावुक हो जाएगा । दरअसल तमिलनाडु के त्रिची में रहने वाली 82 साल की वृद्ध महिला घर में बिल्कुल अकेली और कई दिनों से भूखी, बीमार अवस्था में पड़ी हुई । खाना-पीना और ठीक से उठना-बैठना भी दूभर था । पास-पड़ोस के लोग आंखें फेरे हुए थे l हर पल भगवान से उठा लेने की फरियाद करती हुई ।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जन सुनवाई कार्यक्रम के दौरान तमिलनाडु के करूर जिले के कलेक्टर टी अंबाजगेन को पता चला कि एक महिला घनघोर गरीबी में जिंदगी गुजार रही है । दरियादिल यह आईएएस अफसर अपनी पत्नी से खाना बनवाता है और फिर टिफिन में लेकर निकल पड़ता है वृद्धा के चिन्नमालनिकिकेन पट्टी स्थित झोपड़ी की ओर ।

जब वृद्ध महिला की झोपड़ी के सामने जिले का सबसे रसूखदार अफसर मेहमान के तौर पर खड़ा नजर आता है । तो बिना सरकारी मदद के खुद की जिंदगी बसर करने वाली इस महिला को समझ में कुछ नहीं आया कि आखिर उसके यहां जिले के कलेक्टर साहब क्यों पहुंचे हैं । डीएम कहते हैं-माता जी आपके लिए घर से खाना लाया हूं, चलिए खाते हैं ।

वृद्धा के घर ठीक से बर्तन भी नहीं थे तो वह कहतीं हैं साहब हम तो केले के पत्ते पर ही खाना खाते हैं, डीएम कहते हैं-अति उत्तम। आज मैं भी केले के पत्ते पर खाऊंगा । एक अनूठा नजारा देखने को मिलता है कि कलेक्टर साहब ने केले के दो पत्तों में खाना परोसा और महिला के साथ ही जमीन पर बैठ गये और एक में खुद खाया तथा दूसरे में महिला को खिलाया ।

किस्सा यही खत्म नहीं होता । चलते-चलते डीएम वृद्धावस्था की पेंशन के कागजात सौंपते हैं । कहते हैं कि आपको बैंक तक आने की जरूरत नहीं होगी, घर पर ही पेंशन मिलेगी । जाने से पहले कलेक्टर टी अंबाज़गेन ने अपने मातहतों को निर्देश दिया कि इस महिला को वृद्धा पेंशन में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए । डीएम गाड़ी में बैठकर चले जाते हैं, आंखों में आंसू लिए वृद्धा आवाक रहकर देखती रह जातीं हैं। कलेक्टर के इस कार्य की चारों ओर तारीफ हो रही है। लोग कह रहे वाह, कलेक्टर साहब, इसे कहते है उच्च पद की गरिमा l

LEAVE A REPLY