देश की पहली महिला शिक्षिका और समाजिक कार्यकर्ता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर विशेष

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दिल्ली,समाजहित एक्सप्रेस l देश की पहली महिला शिक्षिका और समाजिक कार्यकर्ता सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी, 1831 महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव गांव में हुआ था। सावित्रीबाई फुले के पिता का नाम खन्दोजी नेवसे और माता का नाम लक्ष्मी था।

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सावित्रीबाई फुले भारत (India) की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवयित्री थीं। उन्होंने शिक्षा ग्रहण करके ना सिर्फ समाज की कुरीतियों को हराया, बल्कि देश की लड़कियों के लिए शिक्षा के दरवाजे खोलने का भी कार्य किया था। सावित्रीबाई फुले के पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले समाजित कार्यकर्ता थे। इन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर 19वीं सदी में लड़कियों (स्त्रियों) के अधिकारों, शिक्षा छुआछूत, सतीप्रथा, बाल-विवाह तथा विधवा-विवाह जैसी कुरीतियां और समाज में फैले अंधविश्वास के खिलाफ संघर्ष किया था।

सावित्रीबाई फुले भारत के पहले कन्या विद्यालय में पहली महिला शिक्षिका (Teacher) यानी अध्यापक थीं। सावित्रीबाई फुले ने साल 1852 में अछूत बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की भी स्थापना की थी।

देश की पहली महिला शिक्षिका और समाजिक कार्यकर्ता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर कोटि कोटि नमन l

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