ग्वालियर में आल इंडिया एक्शन फॉर बुद्धिस्ट लॉ पर एक दिवसीय बुद्धिस्ट संगोष्ठी आयोजन

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l आल इंडिया एक्शन फॉर बुद्धिस्ट लॉ पर एक दिवसीय बुद्धिस्ट संगोष्ठी आयोजन जाटव धर्मशाला ट्रस्ट,  तिकोनिया, मोरार ग्वालियर में किया गया l जिसका उद्घाटन दया सागर बौद्ध (बुद्ध विचारक एवं विशेषज्ञ, पाली भाषा लखनऊ) ने किया l मुख्य अतिथि डॉ० प्रवीन गौतम (एसोसिएट प्रोफेसर GRMC) थे l विशिष्ठ अतिथि आर.ए. मित्तल (से.नि. डिप्टी कमिश्नर,वाणिज्य विभाग), डॉ० पी.एस. बौद्ध (धर्म प्रचारक), डॉ० देवीलाल अशिह्या बौद्ध (से.नि. अधीक्षक) मौजूद थे l इस संगोष्ठी की अध्यक्षता श्रीप्रकाश निमराजे ने की l

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भगवान बुद्ध के पुराने वैभव को जानने के लिए आल इंडिया एक्शन फॉर बुद्धिस्ट लॉ पर एक दिवसीय बुद्धिस्ट संगोष्ठी आयोजन जाटव धर्मशाला ट्रस्ट,  तिकोनिया, मोरार ग्वालियर में किया गया l जिसमें अलग-अलग जगहों से आए हुए विभिन्न बौद्ध विद्वानो ने भाग लिया l संगोष्ठी मे विद्वानों और बौद्ध भिक्षुओं के द्वारा स्थानीय एवं आसपास के लोगो को बौद्ध परम्परा की तमाम विधाओं से रूबरू कराया गया । इस एक दिवसीय बुद्धिस्ट संगोष्ठी में श्रद्धालुओं को पाली भाषा के संदर्भ में विस्तृत ज्ञान दिया गया l

संगोष्ठी में वक्ताओ ने चर्चा के दौरान बताया कि सबसे पुराना धर्म बौद्ध है, बौद्ध शिक्षाओं का मुख्य उद्देश्य व्यति के मोक्ष या निर्वाण को सुरक्षित रखना था l 2200 वर्ष पूर्व दुनियाभर में बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने भिक्षुओं के ध्यान और अन्य गतिविधियों के लिए गुफाओं का निर्माण किया था ।

दुनिया में सहनशीलता और शांति के लिए बौद्ध दर्शन एक ऐसा अनुशासन है जो स्वतंत्र, महत्वपूर्ण विचार को प्रोत्साहित करता है, साथ ही यह दुनिया को समझने के लिए बेहतर समझ देता है। बौद्ध धर्म ने औरतों व शूद्र के लिए दरवाजे खोल कर समाज मे एक नया महत्वपूर्ण प्रभाव डाला l बौद्ध धर्म ने लोगों को किसी भी चीज़ को हल्के में न लेने के लिए सिखाया बल्कि बहस और योग्यता के आधार पर न्याय करना सिखाया, शिक्षा सीखते रहने की सुविधा और प्रक्रिया है ।

बौद्ध धर्म ने लोगों के बीच राष्ट्रीयता का प्रचार किया l  बौद्ध भिक्षुओं ने पाली को संस्कृत के साथ मिलाकर एक नई भाषा का निर्माण किया जिसे संकर संस्कृत कहा गया l संगोष्ठी में जहाँआरा, डॉ० पुरुषोतम अर्गेल, राजकुमार मटोली, फूल चन्द मौर्या, हरिशंकर अस्थाना,वृन्दावन मेवाड, भंते धमकिर्ती इत्यादि शामिल हुए l

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