दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 का मतदान समाप्त हुआ, तकरीबन 60 फीसदी मतदाताओ ने 672 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला EVM में किया कैद

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दिल्ली, समाजहित एक्सप्रेस (रघुबीर सिंह गाड़ेगांवलिया) l शनिवार को लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में 70 सीटों पर दिल्ली के 1 करोड़ 47 लाख 86 हजार मतदाताओ में से सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक 672 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करने के लिए तकरीबन 60 फीसदी मतदाताओ ने मतदान किया l सुबह हल्की ठंड होने के कारण मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या कम देखी गई, लेकिन दोपहर होते-होते मतदान करने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई । दिल्ली चुनाव में करीब 1.25 लाख सुरक्षाकर्मी वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षा मोर्चा संभाले हुए थे l मतगणना के द्वारा प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मंगलवार को होगा । इस बार सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), मुख्य विपक्षी दल भाजपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।

‘आप’ पार्टी को 2015 के चुनावों में 54.3 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि भाजपा को 32 प्रतिशत और कांग्रेस को महज 9.6 प्रतिशत वोट मिले थे। आम आदमी पार्टी (आप) को पिछले विधानसभा चुनाव में हासिल की गई अद्भुत जीत को दोहराने का विश्वास है, जहां उसने 70 में से 67 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी । 2019 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सभी सातों सीटों पर जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘आप’ को हराने की उम्मीद है जबकि कांग्रेस पिछली बार के मुकाबले अपने प्रदर्शन में सुधार लाने की कवायद में है । गत विधानसभा चुनाव में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी।

दिल्ली चुनाव में मतदाताओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच 70 सीटों के लिए 13750 मतदान केन्द्रों पर सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ । ज्यादातर इलाकों के मतदान केन्द्रों पर लोगों में कम जोश नजर आया l दिल्ली की 111 वर्ष की सबसे ज्यादा उम्रदराज वोटर कलितारा मंडल को लेने चुनाव आयोग के अधिकारी चितरंजन पार्क स्थित उनके घर पहुंचे और वोटिंग सेंटर तक लेकर गए । रोहताश नगर विधानसभा क्षेत्र के पंचशील पार्क निगम स्कूल में ईवीएम मशीन में तकनीकी खराबी के कारण वोटिंग करीब पौना घंटे की देरी से शुरू हुई। जिस कारण मतदाताओं की लंबी कतारें लगी ।

दिल्ली विधानसभा चुनाव-2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व राष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, दिल्ली में मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा के अलावा कई अन्य नेताओं ने भी मतदान किया ।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और उनकी पत्नी माला बैजल ने ग्रेटर कैलाश के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला । मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने परिवार के साथ सिविल लाइन्स में स्थित पोलिंग बूथ पर वोट डाला । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन अपनी मां के साथ कृष्णा नगर के रतन देवी पब्लिक स्कूल में वोट डालने पहुंचे । मख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में निर्माण भवन में मतदान किया ।

चुनाव की लोकतांत्रिक व्यवस्था में दिल्ली देश को जागरूक करती रही है । दिल्ली में अब तक कुल छह विधानसभा चुनाव हो चुके हैं । बीते चार विधानसभा चुनावों में दिल्ली का मतदान प्रतिशत लगातार बढ़ा है । 1993 के चुनाव में 61.75 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था और भाजपा ने जीत दर्ज की थी l 1998 के विधानसभा में दिल्लीवालों ने अबतक सबसे कम मतदान महज 48.99 फीसदी वोट करके भाजपा की सरकार गिरा दी थी । 2003  के विधानसभा चुनाव में 53.42 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था l 2008 के विधानसभा चुनाव में दिल्ली में 57.58 फीसदी लोगों ने वोटिंग की थी l 2013 के चुनाव में वोट फिसदी 65.63 रहा ।  2015 के चुनाव में दिल्ली में 67.12 फीसदी वोट दर्ज किया गया ।

दिल्ली में अभी तक सबसे ज्यादा मतदान 1977 में 71.3 फीसदी का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था l उससे पहले 1967 में दिल्लीवालों ने चीन और पाक से युद्ध के बाद हुए लोकसभा चनावों में रिकॉर्ड 69.49 फीसदी मतदान किया था । दिल्ली ने 2013 फिर 2015 में मतदान का नया रिकॉर्ड कायम किया। दिल्ली ने रिकॉर्ड तोड़ मतदान करके दिल्ली की सरकार बदल दी । दोनों ही बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी । ऐसे में इस बार दिल्ली का मूड क्या है, ये तो 11 फरवरी की मतगणना ही बताएगी ।

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